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जानिए महिला आर्मी मेडिकल टेस्ट कैसे होता है ? | Female Army Medical Test | Girls Army Physical Test

जानिए महिला आर्मी मेडिकल टेस्ट कैसे होता है ? | Female Army Medical Test | Girls Army Physical Test

दोस्तों एक बार फिर से स्वागत है हमरे इस प्यारे आर्टिकल में। विदेशों में आर्मी भर्ती के लिए महिलाओं का मेडिकल टेस्ट देखिये कैसे होता है? देखकर हैरान रह जाएंगे छोटे बच्चे और लड़के कृपया ना देखें आखिर क्या होता है महिला आर्मी मेडिकल टेस्ट में? क्या पुरुषों की तरह महिलाओं को भी अपने सभी कपड़े उतारकर टेस्ट करवाना होता है? क्या महिलाओं के लिए भी जांच की जाती है या फिर उनके लिए अलग नियम कानून है? आखिर कैसे होती है महिलाओं की?

जानिए महिला आर्मी मेडिकल टेस्ट कैसे होता है ? | Female Army Medical Test | Girls Army Physical Test


आर्मी में भर्ती उनके मेडिकल टेस्ट में क्या क्या प्रक्रिया अपनाई जाती है? दोस्तों ये वो सवाल हैं जो अक्सर लोगों के मन में चला करते हैं क्योंकि पुरुषों का आर्मी मेडिकल टेस्ट कैसे होता है ये तो हर कोई जानता है, लेकिन जब बात महिलाओं की आती है तो लोगों के दिमाग में सवालिया चिन्ह बन जाते हैं पर आप चिंता मत कीजिए क्योंकि आज के आर्टिकल में मैं यानी आपका दोस्त पवन। आपको महिला आर्मी मेडिकल टेस्ट की वो खास जानकारियां देने आया हूँ जिन्हें जानकर आपके होश उड़ जाएंगे। चलिए स्टार्ट करते है।..


दोस्तों ये तो आप जानते हैं कि पहले के समय में लोग अपनी लड़कियों को पुलिस या सेना में भर्ती करने से काफी डरते थे और आज भी ये सिलसिला चल रहा है क्योंकि सेना में महिलाओं की संख्या अभी भी बहुत कम जहाँ हमारे भारत देश में तीनों सेनाओं को मिलाकर 9118 महिलाएं ही है और महिलाओं के सेना में भर्ती ना होने के पीछे कई सारे कारण हैं जिसमें सबसे बड़ा कारण भर्ती होने से पहले किया जाने वाला मेडिकल टेस्ट।


कि पुरुषों के मेडिकल टेस्ट के बारे में तो हर कोई जानता है पर महिलाओं के मेडिकल टेस्ट से जुड़ी जानकारियां बहुत ही कम लोगों के पास है, जिसकी वजह से वो काफी ज्यादा घबराती है। पर आपको बता दें महिलाओं का आर्मी में जो मेडिकल टेस्ट होता है वो अलग अलग देशों में अलग अलग तरीके से होता है। अब जैसे की हम प्रेगनेंसी टेस्ट की बात करें तो दुनियाभर में महिलाओं को आर्मी में भर्ती होने से पहले प्रेग्नेंसी टेस्ट किया जाता है क्योंकि एक बहुत ही जरूरी टेस्ट माना जाता है। अगर कोई महिला प्रेग्नेंट होगी तो ट्रेनिंग की कठिन परिस्थितियों को नहीं झेल पाएगी।


और उसकी व उसके बच्चे की जान खतरे में आ जाएगी। ऊपर से जीतने भी सरकारी विभाग उसमें प्रेग्नेंसी पीरियड की लिव यानी की छुट्टी दी जाती है। ऐसे में उस महिला का नौकरी कर पाना आर्मी में काफी मुश्किल हो जाएगा। दोस्तों प्रेग्नेंसी टेस्ट के लिए महिलाओं का अल्ट्रासाउंड होता है, टेस्ट लिया जाता है और फिर मेडिकल ऑफिसर इस बात की जांच करते हैं कि महिला प्रेग्नेंट हैं या फिर नहीं और यदि कोई महिला प्रेग्नेंट है तो उसे वहीं से घर भेज दिया जाता है, क्योंकि प्रेग्नेंट महिला का आर्मी ट्रेनिंग में कोई काम नहीं


और अगर किसी महिला का अबोर्शन या फिर मिसकैरेज हुआ तो उसके 12 हफ्तों के बाद ही वो आर्मी मेडिकल टेस्ट दे सकती है और अगर किसी महिला की सिजेरियन डिलिवरी हुई है तो वो 52 हफ्तों के बाद मल्टिकल टेस्ट दे सकती है। इसके अलावा महिलाओं में कई सारी चीजों की जांच की जाती है। जैसे कि टेस्टोस्टेरोन हार्मोन का अधिक मात्रा में होना या फिर पीसीओएस जैसी बिमारी होने पर महिलाएं इस टेस्ट में फेल हो जाती है। लेकिन बात यहीं पर खत्म नहीं होती क्योंकि कई सारे देशों में जो महिलाएं मैरीड होती है।


उनके प्राइवेट पार्ट का भी टेस्ट किया जाता है ताकि यह पता लगाया जा सके कि महिला को कोई परेशानी या फिर उसे किसी तरह की कोई बिमारी तो नहीं है, क्योंकि अगर ऐसा है तो कठिन ट्रेनिंग के दौरान महिलाओं को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसके बाद एक और जांच की जाती है जिसमें महिलाओं के ब्रेस्ट की अच्छी तरह से जांच होती है, जिसमें देखा जाता है कि महिला के ब्रेस्ट में कोई गार्ड तो नहीं है या फिर उसमें किसी प्रकार का दर्द, सूजन वगैरह तो नहीं होगी, क्योंकि ये सारी चीजें आगे चलकर ब्रेस्ट कैंसर का रूप ले सकती है।


ऊपर से अगर ब्रेस्ट में कोई समस्या होती है तो महिला को ट्रेनिंग में परेशानी आ सकती है। इसलिए भी इस तरह की महिलाओं को आर्मी ट्रेनिंग का हिस्सा नहीं बनाया जाता। दोस्तों आप ये जानकर हैरान हो जाएंगे लेकिन आर्मी में जाने के लिए महिलाओं के ब्रेस्ट का साइज भी काफी महत्वपूर्ण होता है क्योंकि अगर महिला का ब्रेस्ट साइज़ जरूरत से ज्यादा है तो महिलाओं को इस टेस्ट में फेल कर दिया जाता है क्योंकि ज़ाहिर सी बात है जीस महिला का ब्रेस्ट साइज ज्यादा बड़ा होगा। उसे शारीरिक परिश्रम में तकलीफ होगी और उन्हें भागने में दिक्कत आएगी।


और ट्रेनिंग सही से नहीं कर पाएगी, इसलिए मेडिकल टेस्ट में ही उसे रिजेक्ट कर दिया जाता है। अब महिलाओं का भी पुरुषों की तरह है। पाइल्स चेक अप होता है जहाँ बवासिर का ये चेकअप्स कई सारी महिलाओं के लिए बहुत असहज होता है जहाँ इस चेकअप के दौरान महिलाओं को झुकना पड़ता है, खास ना पड़ता है जिससे बाबा सिर का चेकअप किया जाता है। असल में आर्मी में सोने उठने और खाने पीने से लेकर ट्रेनिंग तक हर एक चीज़ बिल्कुल सही समय पर होती है। लेकिन यदि किसी महिला को पाइल्स है तो उसे काम करने में मुश्किल आ सकती है।


यह वजह है कि आर्मी मेडिकल में महिला का ये चेकअप किया जाता है। अब आपको सुनकर अजीब जरूर लगेगा लेकिन दुनिया के कई ऐसे देश भी है जब महिलाओं को आर्मी में भर्ती होने से पहले उनका वर्जिनिटी टेस्ट भी किया जाता है क्योंकि उनका मानना है अगर महिलाएं वर्जिन नहीं है तो वो अपने काम पर अच्छी तरह से ध्यान नहीं दे पाएंगी और ऐसा करने वाले देशों में सबसे पहला नाम इंडोनेशिया का आता है। हालांकि इस समय इस तरह के टेस्ट को पूरी तरह से बंद कर दिया जाए क्योंकि महिलाएं अपनी पर्सनल लाइफ में क्या करती हैं, ये उनके आर्मी प्रोफेशनल से जुड़ा हुआ नहीं है।


लेकिन पहले के समय में ये बहुत होता था, जिसकी वजह से अधिकतर महिलाएं आर्मी जॉइन करने से डरती थी। दोस्तों इस तरह की प्राइवेट जांच करने के अलावा भी मेडिकल टेस्ट में कई सारी ऐसी जांचें होती है जो उनके फिजिकल एबिलिटी को दर्शाती है। जैसे कि एक टेस्ट में ये देखा जाता है कि कई महिलाओं के घुटने आपस में टकराते तो नहीं है और इसके अलावा ये भी जांच की जाती है कि महिला के शरीर में कोई जलने या फिर चोट का निशान तो नहीं है या फिर महिला की कोई सर्जरी तो नहीं हुई? और दोस्तों आर्मी के लिए आँखों की जांच भी बहुत जरूरी है। फिर चाहे वो पुरुष हो या फिर महिला।


क्योंकि सेना में भर्ती होने के लिए आप की आँखों का सही तरीके से काम करना बहुत ज़रूरी है ताकि आप दूर से ही दुश्मनों की हरकतों पर नजर रख सके और ये समझ सकें कि गोली कहाँ से आ रही है, आपके ऊपर कहाँ से हमला हो रहा है, वगेरह, वगेरह। और ये सब कुछ तभी हो सकता है जब आँखें बिल्कुल सही रहेंगी। इसलिए आँखों का ठीक होना बहुत ज़रूरी है और टोटल कहा जाए तो ये बात पूरी तरह से सच है कि अगर किसी महिला को आर्मी जॉइन करनी है तो उसे कई सारे टेस्ट से गुजरना पड़ेगा जो उसके लिए अनकम्फर्टेबल भी हो सकते हैं। लेकिन अगर आप भारत की सेना में भर्ती होना चाहते हैं।


तो ये सब कुछ मायने नहीं रखता। बाकी आपका इसके बारे में क्या विचार है? कमेंट में जरूर बताइए और इसी तरह की आर्टिकल को पढ़ने के लिए हमारे वेबसाइट से जुड़े रहे। और हाँ, हम फिर मिलेंगे नए आर्टिकल में तब तक के लिए जय हिंद जय भारत।


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